August 4, 2026

ट्रंप पर शिकंजा! भारत समेत 60 देशों पर टैरिफ के खिलाफ 25 अमेरिकी राज्यों ने किया मुकदमा

0
grumo
शेयर करें

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नई टैरिफ नीति एक बार फिर कानूनी विवाद में फंस गई है. अमेरिका के 25 डेमोक्रेटिक शासित राज्यों ने ट्रंप प्रशासन के खिलाफ अदालत का दरवाजा खटखटाया है. इन राज्यों ने भारत समेत 60 व्यापारिक साझेदार देशों से होने वाले आयात पर लगाए गए नए टैरिफ को चुनौती दी है.

25 राज्यों ने अदालत में दी चुनौती

सोमवार को अमेरिका के न्यूयॉर्क स्थित यूएस कोर्ट ऑफ इंटरनेशनल ट्रेड में यह मुकदमा दायर किया गया. याचिका में पिछले महीने लागू किए गए 10 से 12.5 प्रतिशत तक के आयात शुल्क को चुनौती दी गई है. ये टैरिफ ट्रेड एक्ट 1974 की धारा 301 के तहत लगाए गए हैं. ट्रंप प्रशासन का कहना है कि यह शुल्क उन देशों पर लगाया गया है, जो जबरन श्रम से बने उत्पादों के निर्यात को रोकने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठा रहे हैं.

अदालत के फैसलों की अनदेखी का आरोप

यह मामला ट्रंप की टैरिफ नीति की नई कानूनी परीक्षा माना जा रहा है. इससे पहले भी उनकी कई टैरिफ नीतियों को अमेरिकी अदालतों में चुनौती मिली थी. मुकदमा ओरेगन और न्यूयॉर्क समेत 25 राज्यों ने दायर किया है. सभी राज्यों में डेमोक्रेटिक पार्टी के गवर्नर या अटॉर्नी जनरल हैं. राज्यों का आरोप है कि ट्रंप प्रशासन पहले जिन व्यापक आयात शुल्कों को अदालत गैरकानूनी बता चुकी है, उन्हें अब अलग कानूनी आधार पर दोबारा लागू करने की कोशिश कर रहा है.

याचिका में कहा गया है कि सेक्शन 301 का इस्तेमाल पहले केवल उन देशों या उद्योगों के खिलाफ किया जाता था, जिन पर अनुचित व्यापारिक गतिविधियों का आरोप होता था. इसका उद्देश्य लगभग सभी देशों से होने वाले आयात पर व्यापक टैरिफ लगाना नहीं था. राज्यों ने यह भी आरोप लगाया कि जबरन श्रम का मुद्दा केवल पहले रद्द किए जा चुके टैरिफ को दोबारा लागू करने का बहाना बनाया जा रहा है.

भारत समेत 60 देशों पर लागू हुआ नया टैरिफ

विवादित टैरिफ की घोषणा 24 जुलाई को की गई थी. यह शुल्क भारत, यूरोपीय संघ समेत 60 व्यापारिक साझेदार देशों से आयात होने वाले उत्पादों पर लागू किया गया है. हालांकि, कुछ देशों ने जबरन श्रम रोकने के लिए अपने कानून और कार्रवाई मजबूत की, जिसके बाद उन्हें कम टैरिफ दर दी गई. एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी के अनुसार, भारत पर लगाया गया टैरिफ 12.5 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत कर दिया गया.

बता दें कि इस वर्ष अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने फैसला दिया था कि इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट (IEEPA) राष्ट्रपति को पूरी दुनिया पर व्यापक टैरिफ लगाने का अधिकार नहीं देता. सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद ट्रंप प्रशासन ने ट्रेड एक्ट 1974 की धारा 122 के तहत अस्थायी वैश्विक टैरिफ लागू किए थे. बाद में यूएस कोर्ट ऑफ इंटरनेशनल ट्रेड ने इन्हें भी गैरकानूनी करार दिया.


शेयर करें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *